मुरैना l सुजागृति समाजसेवी संस्था मुरैना द्वारा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से जलवायु परिवर्तन एक सालह, शिक्षा पर किसान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन गुरूवार किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र मुरैना में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि सामाजिक प्रयासों से ही बच पाएंगे, जल, जंगल और जमीन। उन्होंने कहा कि हमारे वहां का किसान पारंपरिक तरीके से खेती करता है, उन्हें खेती के नए तौर तरीके सीखने के लिए मालवा क्षेत्र में हम भेजेंगे। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से भी कहा कि किसानों को अच्छे से अच्छे प्रशिक्षण दें, तकनीकी जानकारी दें, हमारा किसान जानकारी के अभाव में परेशान न हो। मिट्टी का परीक्षण करें और औषधि खेती के तौर तरीके भी सिखाए। उन्होंने सुजागृति समाज सेवी संस्था की तारीफ की तथा औषधि खेती में किसानों को सहयोग के लिए भी कहा। संस्था के अध्यक्ष श्री जाकिर हुसैन ने कहा कि धधकती धरती और बदलते हुए मौसम के मिजाज तथा समुद्र की सतह पर तापमान का बडजाना जलवायु परिवर्तन कहलाता है। उन्होंने बताया चम्बल के बीहड़ में गरीब और संसाधन विहीन निवासी रहते है। यहां के निवासियों के पास आजीविका एवं खेती के अवसर सीमित और समस्याओ से घिरी है। परन्तु, मुरैना के चम्बल बीहड़ में भारत वर्ष के उच्चतम गुण युक्त गुग्गल के गोद देने वाले पौधे उपलब्ध है। चम्बल बीहड़ से उत्पादित गुग्गल गोद की बाजार मूल्य 2,00,000/- प्रति क्विंटल है। यह नैसर्गिक उत्पाद स्थानीय निवासियों को नगद एवं रोजगार के एक पारम्परिक व्यवस्था है। डॉक्टर राजकुमार सिंह तोमर पूर्व कृषि विज्ञान केंद्र डायरेक्टर ने बताया कि हमारे प्राकृतिक जंगल, नदियां, पहाड़ इनका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है। क्योंकि जंगल हमारे फेफड़ों हैं, इनके साथ छेड़छाड़ करने पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को हमें झेलना पड़ेगा तथा उन्होंने किसानों को खेती के गुरु सिखाएं। शासकीय कालापथक दल द्वारा भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम में विभिन्न गांव के सरपंच हितग्राही किसान गणमान्य व्यक्तियों में श्री राजेंद्र सिंह तोमर वकील साहब कौशल गोरिया सरपंच, कृषि विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर प्रशांत गुप्ता, एहसान अली पूर्व सरपंच जबरौल तथा बामसौली पूर्व सरपंच बहादुर सिंह जादौन, के भी के और सुजागृति संस्था का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन संस्था के कोऑर्डिनेटर श्री अब्दुल हुसैन ने किया।